अनावश्यक लक्ष्य थोप रहा विभाग

चंबा। अखिल भारतीय डाक कर्मचारी ग्रामीण डाक सेवक संघ चंबा मंडल की बैठक रविवार को चंबा में हुई। इसकी अध्यक्षता प्रधान सुरेंद्र शर्मा ने की। बैठक में समस्त ग्रामीण डाक सेवकों ने भाग लिया और विभिन्न मुद्दों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की। इस दौरान उन्होंने विभाग व सरकार के प्रति रोष व्यक्त किया। बैठक में डाक सेवकों ने कहा कि विभाग की ओर से हर माह दिए जा रहे लक्ष्यों के चलते ग्रामीण डाक सेवक मानसिक रूप से परेशान और निराश हैं। हर माह ग्रामीणों सेवकों को अनावश्यक लक्ष्य देकर निराश किया जा रहा है। बैठक में मंडल के प्रधान ने कहा कि ग्रामीण डाक सेवकों की ड्यूटी तीन या चार घंटे की होती है। डाक सेवकों पर शाखा डाकघरों का कार्यभार पहले से ही अधिक है। इसके बावजूद हर माह विभाग की ओर से मेला रखा जाता है। इसमें डाक सेवकों को नए लक्ष्य दिए जाते हैं। विभाग 100 खाते एसबी, आरडी, टीडी और 20 डाक जीवन बीमा करने का लक्ष्य देता है। विभाग की ओर से डाक सेवकों पर कार्य का अतिरिक्त बोझ डाला जा रहा है। डाक सेवकों ने बताया कि निर्धारित लक्ष्य की पूर्ति के लिए कई शाखा डाकघरों में इतनी जनसंख्या ही नहीं है। इसके चलते ग्रामीण डाक सेवक लक्ष्यों की पूर्ति करने में असमर्थ होते हैं। उन्हें संबंधित उप डाकघरों की ओर से रिमार्क दिया जाता है कि लक्ष्य की पूर्ति न करने पर आपका वेतन बंद कर दिया जाएगा। इस प्रकार डाक कर्मचारी मानसिक रूप से प्रताड़ित हो रहे हैं। बैठक में सुरेंद्र कुमार, कमल किशोर, नरेश कुमार, तिलक राज, भगवान दास, केवल कृष्ण, अमर चंद, हेम सिंह देवल मौजूद रहे।

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